Ek Bharat Shreshtha Bharat par 500 shabdo mein nibandh likhiye hindi mai

भारतीय प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2015 (सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्म दिन समारोह) पर दिये गये अपने भाषण में “एक भारत श्रेष्ठ भारत” योजना के बारे में बात की। ये वो पहल है जिसे निकट भविष्य में लागू किया जायेगा।

इस योजना को लागू करने का उद्देश्य पूरे देश के लोगों को एक दूसरे से जोड़ना हैं। प्रधानमंत्री ने इस योजना की घोषणा 31 अक्टूबर 2015 को सरदार वल्लभ भाई पटेल की सालगिरह राष्ट्रीय एकता दिवस पर की थी। ये देश के विभिन्न भागों में सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने की पहल है। इस योजना के माध्यम से एक राज्य दूसरे राज्य से जुड़कर एक दूसरे की विरासत और धरोहर को बढ़ावा देंगे।

इस योजना के माध्यम से, एक राज्य के लोग दूसरे राज्य की संस्कृति और परम्पराओं का सही ज्ञान प्राप्त करेंगे जो लोगों की पारस्परिक समझ को बढ़ावा देगा और इनके अपसी संबंधों को मजबूती प्रदान करेगा जिससे भारत की एकता और अखंडता मजबूत होगी। इस योजना को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिये ‘“एक भारत श्रेष्ठ भारत”’ प्रतियोगिता को पूरे देश के विभिन्न लोगों के विचार और दृष्टिकोण जानने के लिये शुरु किया गया है। देश के नागरिक अपने दृष्टिकोण, विचारों और सुझावों को प्रस्तुत करने के लिये (सरकार की वेब साइट पर) आमंत्रित हैं जो इसे विभिन्न आयामों पर प्रभावशाली कार्यक्रम बना सके।

ये भारतीय सरकार द्वारा पूरे देश में एकता और सद्भाव को मजबूत करने के लिये किया गया प्रयास है। ये एक ऐसा कार्यक्रम हैं जिसमें पूरे देश के लोगों को आपस में एक दूसरे से जोड़ने का लक्ष्य बनाया गया हैं। भारत एक ऐसा देश है जो “विविधता में एकता” का श्रेष्ठ उदाहरण है। ये कार्यक्रम भी भारत की एकता की गुणवत्ता को सुधारने के लिये की गयी पहल है। इन्होंने “मन की बात” कार्यक्रम में कहा भी था कि “एक भारत श्रेष्ठ भारत” योजना भारत को “वन इंडिया सुप्रीम इंडिया” बनायेगा।

ये शान्ति और सद्भाव को बढ़ाने के लिये ठोस पहल है जिसके लिये नियम और कानून को एक जैसा बनाये रखने की जरुरत है। इस कार्यक्रम को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिये, प्रधानमंत्री ने सामान्य जनता से सरकारी पोर्टल ‘MYGOV.in’ के माध्यम से अपने दृष्टिकोण, विचारों और सुझावों को देने का निवेदन किया है। उन्होंने इस कार्यक्रम की संरचना और जनता की भागीदीरी को बढ़ाने के लिये सुझाव देने के लिये भी निवेदन किया। भीड़ में छुपे हुये अनेक कलात्मक विचारों के लोग रहते हैं जो लोगों को जोड़ने और एकता और सद्भाव को बढ़ाने के लिये अच्छे सुझाव दे सकते हैं। इस योजना के माध्यम से लोगों को आसानी से जोड़ कर देश में एकता और सद्भाव की संस्कृति समृद्ध बनाने के मुख्य लक्ष्य को प्राप्त करना है।

 

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