गोदान प्रेमचंद जी का ऐसा उपन्यास है जिसमें उन्होंने देश की ग्रामीण जीवन को आत्मा को सशक्त अभिव्यक्ति दी है. इसे पढ़कर आप अपने विचार दे तथा लेखक के जीवन परिचय व रचनाओं को विस्तार से बताए ।

उत्तर :- 

गोदान उपन्यास में प्रेमचंद ने ग्रामीण जीवन की वास्तविक सच्चाई को बहुत ही बेहतर तरीके से चित्रित किया है । इस उपन्यास में तत्कालीन भारतीय समाज में मौजूद लगभग सभी समस्याओं का चित्रण किया है । गाँवों का जीवन कैसा होता है, इसके सभी पक्षों को प्रेमचंद उजागर करते हैं ।एक तरह से इसे भारतीय किसान जीवन की गाथा भी कहा जाता है।  
इस उपन्यास को और बेहतर तरीके से समझने और इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए आप इसे एक बार अवश्य पढ़ें ।

प्रेमचंद का जन्म सन् 1880 में बनारस के लमही में हुआ था । इनका मूल नाम धनपत राय था । इनका बचपन अभाव में बीता । इन्होंने बी.ए. तक की पढ़ाई की थी । आरम्भ में इन्होंने कुछ दिनों तक शिक्षा विभाग में नौकरी भी की, लेकिन बाद में उस नौकरी से त्यागपत्र दे दिया ।
आरम्भ में इन्होंने उर्दू में नवाब राय के नाम से लिखना शुरू किया था और बाद में प्रेमचंद नाम से लिखने लगे । इनकी पहली रचना सोज़ेवतन 1907 ई. में प्रकाशित हुई थी ।
प्रेमचंद ने 300 से अधिक कहानियाँ लिखी हैं, जो मानसरोवर के आठ भागों में प्रकाशित हुई हैं । प्रेमचंद ने 13 उपन्यासों की रचना की, जिसमें एक अपूर्ण है ।
उनके उपन्यासों के नाम हैं - 
देवस्थान रहस्य, प्रेमा, सेवासदन, वरदान, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, कायाकल्प, निर्मला, प्रतिज्ञा, गबन, कर्मभूमि, गोदान, मंगलसूत्र (अपूर्ण) ।
इन्होंने दो नाटकों की भी रचना की - संग्राम और कर्बला । और साथ ही कई सारे निबंध भी लिखें हैं ।

 

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