i too wanted to study pad parichay.If possible please mail it to me also!!!

thank you!

नमस्कार मित्र, 

पद का परिचय- शब्द वाक्य का मुख्य स्रोत है। इनके बिना वाक्य की कल्पना नहीं की जा सकती है।जब इसका (शब्द) वाक्य में प्रयोग होता है, तब यह पद कहलाता है। वाक्य में पद कहलाने के पीछे भी एक कारण है। वह इस प्रकार है; एक शब्द का जब वाक्य में प्रयोग होता है, तो वह व्याकरण के नियमों से पूरी तरह बंध जाता है और यहाँ आकर उसका अस्तित्व बदल जाता है। नियमों में बंधा शब्द पद का रूप धारण कर लेता है। अब वह स्वतंत्र नहीं होता। अब वह वाक्य के क्रिया, लिंग, वचन और कारक के नियमों से अनुशासित होता है। 

पद-परिचय से संबंधित आवश्यक बातें- वाक्य में प्रयुक्त शब्द जब पद बन जाता है, तब इसी पद का परिचय दिया जाता है। पद-परिचय व्याकरणिक ज्ञान के आधार पर दिया जाता है। पद का सही परिचय देने के लिए आवश्यक है कि हमें संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, कारक, अव्यय, लिंग, क्रिया, वचन इत्यादि का सही और पूरा ज्ञान हो। इस तरह हम उस पद का सही परिचय दे पाएँगे।

साधारण शब्दों में कहें तो जब हम कोई वाक्य लिखते हैं, तो उसमें लिखे शब्दों को पद कहते हैं। हम इन्हीं शब्दों का व्याकरणिक परिचय देते हैं अर्थात् यह शब्द किसके (क्रिया, संज्ञा, लिंग, वचन, सर्वनाम, कारक, क्रिया आदि) अन्दर आता है आदि की जानकारी देते हैं, तो वह पद परिचय कहलाता है; जैसे-

राम ने खाना खाया।

इस शब्द में राम का पद परिचय देना है तो देखिए-

(1) सबसे पहले राम, व्यक्तिवाजक संज्ञा है क्योंकि यह किसी का नाम है।

(2) दूसरे यह एकवचन शब्द है क्योंकि सिर्फ इससे एक व्यक्ति का पता चलता है।

(3) तीसरे यह पुल्लिंग शब्द है क्योंकि यह एक पुरूष का नाम है।

(4) चौथे यह कर्ता कारक है क्योंकि यह कार्य को करने वाला है।

(5) पाँचवा यह क्रिया का भी कर्ता है क्योंकि इसी के कारण क्रिया पूरी हो रही है।

 

आपने देखा की हमने अभी तक व्याकरण में जो कुछ भी सीखा है, उन सब का प्रयोग कर इस शब्द की पूरी जानकारी दी गई है। एक पद-परिचय के लिए आपको व्याकरण का पूरा ज्ञान होना आवश्यक है। यदि आपको व्याकरण का सही ज्ञान नहीं है, तो आपका दिया परिचय गलत हो जाएगा।

  • 0

4 pad parichay u must know all de parts of parts of speech .. thn u cn do it easily dear ... ATB .... !! :)

  • 0
What are you looking for?